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मंगल और केतु का वाणी पर असर एवं उसके उपाय

astroadmin | March 19, 2018 | 0 | ज्योतिष सीखें

ऐसा व्यक्ति बहुत झूठ बोलेगा और बिना किसी कारण दूसरे लोगो को लड़ाने का शौक होता है , वाणी में घमंड झलकता है , जीवन में उतार – चढ़ाव बना रहता है और गृहस्थ सुख नहीं मिल पाता , ऐसे लोग जीवन में एक बार गंभीर दुर्घटना के शिकार होते है , बुढ़ापा अच्छा नहीं गुजरता , अच्छी संतान और भाई बहन नहीं मिल पाते , एक समय के बाद इनकी अवाज ऊँची और कर्कश होती चली जाती है , अपने आप को बचने के लिए हमेशा यह बोलते है की में तो साफ़ साफ़ बात करता/करती हूँ , साफ़ और सही सही बात करने में अंतर है ।
ऐसे लोगो को सबसे पहले आपने व्यवहार में बदलाव लाना चाहिए ,शिव  रुद्रभिशेक करना चाहिए , निंदा और झूठ से बचना चाहिए , गले में चाँदी कि ठोस गोली सफेद धागे या चाँदी कि चेन में पहने , मंदिर , गुरु और गाय कि सेवा में मन लगाये , अहम् को त्याग दे , इनकी सेवा करने से गुरु ग्रह और  मंगल कि दुष्प्रभावों को दबाता है , जिससे भविष्य स्थिर रहे
गरिष्ठ  भोजन से बचे , बहुत मसालेदार और मांसाहार से बचना चाहिए

* बुध गृह का वाणी पर असर एवं उसके उपाय :
बुध गले , मस्तिष्क एवं वाणी के रोग उत्पन्ना करता है , तो अगर कोइ व्यक्ति हकलता है , तुत्लाता है तो यह बुध ग्रह  के कारण हो सकता है

बुध ऐसी स्तिथि करता है कि आप अगर कुछ बोलना चाह  रहे है तो आपके दिमाग में वह् शब्द नही आएंगे , अभद्र भाषा भी  बुध  के ही कारण होती जाती है
आवाज़ बहुत भारी हो जाती है, जल्दबाजी में झूठ और निंदा कर बैठते है , बुध ग्रह  अगर किसी का बहुत खराब हो तो उनका उच्चारण इतना खराब हो जाता है कि दूसरों को समझने में परेशानी होती है , वाणी दोष कि वजह से परिवार में अशांति हो जाती है , अगर बुध कि उँगली (कनिष्ठ)जो लास्ट फिंगर होती है  बहुत अंदर कि तरफ झुकी हुइ है या फिर बाहर कि तरफ़ निकली हुई है , या फिर बुध के पर्वत पर बहुत सारी लकीरों का जाल है , तो जब आप बोलना चाहेंगे तब आप वह चीज बोल नही पाएँगे ,

गले से जुड़ी समस्या हो जाती है , बुध के वाणी पर दुष्प्रभाव से बचने के लिए मट्ठा पीया करे इससे आवाज़ मज़बूत होती है बहुत से लोगो को मट्ठा नुकसान करता है सर्दियों में तो वह लोग ना सेवन करे
अगर बच्चों में तुतलाहट है तो यह चिंता का विषय बन जाता है , इसके लिए हरा धनिया पीसकर इसके रस को छान ले , उस रस में खाने वाली फिटकरी मिला  ले , इस रस से कुल्ला कराये , इस रस को सटकना नही है और ना ही पीना है , सिर्फ़ गरारे कराये , इस उपाय को करने से यह बीमारी ठीक हो सकती है , जबान साफ़ हो जाती है , शांत मन से शब्दों को धीरे धीरे बोलने कि कोशिश करे , अनुलोम – विलोम प्राणायाम सीख कर करा करे !

अगर आपके बच्चे को बोलने में कठिनाई हो रही हो , या फिर कुछ शब्दों का उच्चारण ठीक से ना हो पा रहा हो तो तो उसको मजाक ना बनाये , इससे उनका आत्मविश्वास कम हो जाता है और यह गंभीर रूप ले सकता है , इसके लिए बुध के उपाय करने जरूरी है , पीसा हुआ जीरा और चीनी चूसने से वाणी में मधुरता आति है , अगर आपको डायबिटीज है तो आप चीनी ना लेकर सिर्फ़ पिसे हुए जीरे का प्रयोग कर सकते है,
इससे मंगल , केतु , बुध या शनि का अगर वाणी पर बुरा  प्रभाव पड़ रहा होगा तो वह भी ठीक होने लगेगा

* चंद्रमा का वाणी पर प्रभाव : चंद्रमा अगर कमजोर है तो या तो व्यक्ति किसी और व्यक्ति से दबकर या उससे डरकर कुछ नही बोल पयेगा , या फिर कमजोर चंद्रमा वाला व्यक्ति किसी व्यक्ति के प्रति अतिभवुक होगा

, इसीलिये वह कुछ का कुछ बोलेगा , जो बोलना चाहता है , वह मुँह से निकाल नही पयेगा कमजोर चंद्रमा के कारण , ऐसे लोगो का निजि जीवन भी प्रभावित हो जाता है ,  मन कि कमजोरी कि वजह से आप सही शब्द बोलने में असमर्थ हो जायेंगे , अगर बोलेंगे तो उसका भाव अलग हो जयेगा और समाना वाला व्यक्ति इससे दूसरा मतलब निकलेगा
इसके लिये चांदी पहने चांदी के गिलास में पानी पिये अगर गिलास नही है तो एक चांदी का सिक्का पीने के पानी में डालकर रखें और जब भी पानी पिये उसमे से पानी निकालकर पिये नारियल गिरी खाये भगवान शिव की आराधना और शिवलिंग को जल दें

* सूर्य : जब खराब सूर्य वाणी पर असर डालता है तो वाणी खराब हो जाती है , व्यक्ति असामान्य व्यवहार करने लगता है , अपनी वाणी से ख़ुद ही नुकसान कर लेते है , किसी के बारे में कुछ कहकर , मित्र और रिश्ते स्थायि नही होते , आवाज़ का सुरिलपन खत्म हो जाता है , गले में दर्द और कफ बना रहता है कभी कभी किसी मंदिर में या पीपल के पेड़ के निचे बैठकर ध्यान किया करे , भगवान शिव का रुद्रसूक्त का पाठ करे मुलेठी , आंवला और मिश्री का मिश्रण बनाकर उसका जरा सा सेवन कर लिया करे , गला साफ़ रहेगा

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