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बुध और मंगल की युति

astroadmin | March 19, 2018 | 0 | ज्योतिष सीखें

यह जीवन मे इंसान को जोश के साथ होश को नही खोना चाहिए. मंगल और बुध की कभी नही बनती और न ऐसा कभी हो सकता है.
मंगल किसी भी चीज़ को हासिल करने में अपनी शरीरिक ताक़त का सहारा लेता है और बुध दिमाग से किसी भी चीज़ को सुलझाना ज्यादा पसंद करता है.
बुध और मंगल की युति में जब भी इंसान प्रवेश करता है जोश में वो अपने होश खो बैठता है. बात करते करते जब इंसान उसकी बात नही मानता उसके समझाने का भी उस पर कोई असर नही होता
वो गुस्से में बोल देता है में वही करूंगा जो मुझे करना है जा जो तेरे से होता है मेरा कर ले..
जोश में अक्सर इंसान अपने होश खो बैठता है बिना ब्रेक की गाड़ी होते है ऐसे इंसान
बुध जिसके साथ भी होता है उसके जैसे फल कुंडली मे करने लगता है. ऐसे इंसान अक्सर ढीठ होते है सुनते है सबकी पर करते है अपने मन की.. दिमाग इनका अच्छा होता है पर यह लोग दिमाग से शांत कभी नही बेठ पाते है
ऐसे लोग जीवन मे रिश्तों में अक्सर कठिनाई को अनुभव करते है कुछ लोग एक काम को बार बार करते है और उसमे सफलता नही मिले उसको बीच मे छोड़ देते है कारण यही है जब काम दिमाग से न हो तो वो बोल देते है मेरे बसकी बात नही में कुछ और करूंगा.
दिमाग का संतुलन नही रहता ऐसे में नसों में खिंचाव इनके रहता है स्किन प्रॉब्लम इनको जल्दी जल्दी होती है. जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास यह दिखा जाता है जो काम इन्होंने कभी नही किया होता उसमे भी हा करते है इसको में कर सकता हूँ और मार खा जाते है.
ऐसे युति में जब इंसान फस जाता है वो अक्सर कभी जोश की कमी और कभी होश की कमी अपने अंदर महसूस करता है.
बुध वाणी का कारक है मंगल ऊर्जा है अगर यह युति पाप प्रभाव में धन भाव वाणी भाव मे हो और दूसरे ग्रहों का पाप प्रभाव भी यहाँ हो तो इंसान अपनी जुबान पर कन्ट्रोल नही कर पाता मजाक मजाक में किसी को कुछ भी बोल देना अपने बॉस का मजाक दुसरो के सामने बनाना बेकार की चुगली करना आवाज़ में उसकी एक अजीब सा कसैला पन देखने को मिलता है.
बुध जो भी काम करता है दिमाग से ही करता है वो कभी भी शरीरिक ऊर्जा का उपयोग नही करता बुध प्रधान लोग अक्सर ज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एकाउंट्स बैंकिंग के क्षेत्र में अच्छी सफलता हासिल करते है जहा सिर्फ और सिर्फ बुद्धि का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल हो पर मंगल अपनी शरीरिक ऊर्जा को खर्च करने में ज्यादा काबिल है उसको ऐसे काम बहुत पसंद है जहाँ शरीरिक ऊर्जा शरीर से निकलती है कोई बड़ा जिम बॉडी बिल्डर पैसा विभाग आर्मी और तंदूर आग से सम्बंधित काम बिजली के काम ज़मीन से जुड़े काम आदी..
दोनों ही ग्रहों के स्वभाव में बहुत अंतर है एक जरूरत से ज्यादा शांति पसंद करने वाला एक का काम बिना ऊर्जा शरीरिक बल के गुजारा ही नही है इसलिए मंगल और बुध में नही बनती है यह दोनों आपस मे एक सात जब भी होंगे उस भाव से सम्वन्धित दिक्कत देंगे और जोश होश को काबू से बाहर कर देंगे.

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