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दशमांश कुंडली

astroadmin | May 13, 2018 | 0 | ज्योतिष सीखें

दशमांश कुंडली जातक के कार्य छेत्र के बारे में बताता है जातक क्या कारोबार नोकरी/व्यवसाय करेगा, कितना इसमें सफल रहेगा इसकी पूरी जानकारी देती है।दशमांश कुंडली के 12भाव से जातक के रोजगार संबंधी पहलुओ की जानकारी ली जाती है।दशमांश कुंडली का लग्न/लग्नेश और दसवा भाव भावेश सबसे महत्वपूर्ण भाव भावेश होते है।इसके बाद दशमांश के अन्य भाव भावेश व् नवग्रह अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है।दशमांश कुंडली का लग्न/ लग्नेश जातक के कार्य छेत्र/ रोजगार की रूप रेखा बताता कि किस रूप रेखा का कार्य छेत्र होगा।दशमांश कुंडली में दूसरा भाव और भावेश यह बताएगा जो भी कार्य छेत्र जातक/जातिका कर रहे है उससे धन कितनी मात्रा में प्राप्त होगा क्योंकि यह भाव धन का है।तीसरा भाव अपने साहस का है इस भाव भावेश की स्थिति यह बताती कि जातक जिस जो कार्य करेगा या कर रहा है उसको लेकर वह कितना जिम्मेदार और साहसी है कितनी मेहनत अपने व्यापार या नोकरी में करके सफल हो सकता है।चौथा भाव जनता, सुख, जमीन का होता है इस भाव से व्यक्ति को अपने कार्य छेत्र से सुख मिलेगा या नही और मिलेगा तो कितना? जनता का सहयोग होगा नाम होगा या नही आदि कार्य छेत्र के लिए दशमांश कुंडली में चोथे भाव को देखा जाता है।दशमांश कुंडली में पाचवा भाव यह बताएगा व्यक्ति अपने कार्य छेत्र/नोकरी/व्यवसाय में अपनी बुद्धि बल का कितनी अच्छी तरह से उपयोग करता है कितने ठीक तरह से अपने करोबार को सभल पाता है या नही।छठा भाव कार्य छेत्र में बिघ्न बाधाओ और रुकाबटो को दर्शता है यदि दशमांश कुंडली में यह भाव भावेश शुभ और अनुकूल है तो कार्य छेत्र में जातक को बिघ्न-बाधाओ का सामना नही करना पड़ता जातक निर्बिघ्न सफल होता है।दशमांश कुंडली का सातवाँ भाव बली होने से यह व्यापार के प्रबल योग बनाकर व्यापार में सफलता दिलाता है यह भाव भावेश व्यापार या अपने कार्य छेत्र में अन्य व्यक्तियो का कितना सहयोग मिलेगा इस बात को बताएगा।आठवाँ भाव कार्य के कठिन समय में कैसे परेशानी से बाहर जातक निकल पाता है या नुकसान में जायेगा या नही इस भाव को बताएगा।#नवा_भाव भावेश यह सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि यह भाव भावेश दशमांश कुंडली का भाग्य है कार्य छेत्र में जातक का भाग्य कितना साथ देगा यह भाव और भावेश ही इस बात का निर्णय करेगा इस भाव भावेश के बलवान और शुभ होने से जातक कार्य छेत्र में बहुत उन्नति करता है क्योंकि दशमांश कुंडली का यह भाव भावेश कार्य छेत्र में भाग्य का स्तर निर्धारण करता है।दशमांश_कुंडली का #दसवा_भाव यह 9वे भाव से भी ज्यादा महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यही भाव भावेश जातक के कार्य छेत्र को बताएगा कि नोकरी में सफलता है या व्यापार या अन्य किसी कार्य छेत्र में इस कारण इस भाव भावेश का बली होना शुभ और अनुकूल ग्रहो से द्रष्ट होना अनिवार्य है।ग्यारहवाँ यह भी विशेष महत्वपूर्ण है क्योंकि यह इस बात का निर्णय करेगा की कार्य छेत्र से जातक को कितना लाभ होता है आय का स्तर कितना रहेगा? इसी तरह बारहवां भाव कार्य छेत्र जातक का विदेश में या दूरस्थ जगह पर रहेगा, हानि की स्थिति कार्य छेत्र में है या नही को बताएगा।                                                              इस तरह से दशमांश कुंडली का अध्ययन दशमांश कुंडली के 12भावो से करके अपने कार्य छेत्र, नोकरी, व्यवसाय आदि के हर पहलू की पूरी जानकारी दशमांश कुंडली से विस्तार से ली जा सकती है यह दशमांश कुंडली जन्मलग्न कुंडली के 10वें भाव का विस्तृत रूप है।यह दशमांश कुंडली कार्य छेत्र से सम्बंधित जीवन के बारे में सटीक जानकारी के लिए परीक्षण की जाती है कि व्यक्ति कितना अपने कार्य छेत्र में सफल रहेगा? आदि।

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